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कामयाब हो गई कोरोना की ये दवा, 73 मरीजों को इसी से ठीक किया गया !

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कामयाब हो गई कोरोना की ये दवा, 73 मरीजों को इसी से ठीक किया गया ! कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के खतरे से निपटने के लिए पूरी दुनिया में वैक्सिन ( Vaccine ) बनाने की कोशिश की जा रही है। डॉक्टर और चिकित्सक लगातार इस पर शोध कर रहे हैं और कई देशों में संभावित दवाइयों के क्लिनिकल ट्राइल भी किए जा रहे हैं। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने भी कोरोना की दवा का सफल ट्राइल करने का दावा किया है। UAE के एक संस्थान ने का दावा है कि उसने COVID-19 इन्फेक्शन के इलाज के लिए ‘गेम-चेंजर’ तकनीक निकाली है। दरअसल, संस्थान ने स्टेम सेल्स की सहायता से कोरोना मरीजों के इलाज करने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि जितने मरीज का इस तकनीक के जरिए इलाज किया गया है, सभी ठीक हो चुके हैं। UAE में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए इस तरह के करीब 60 प्रॉजेक्ट चल रहे हैं। विदेश मंत्री ने ट्वीट के जरिए दी जानकारी UAE के विदेश मंत्री हिंद अल ओतैबा ने ट्वीट करते हुए इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि अबु धाबी स्टेम सेल्स सेंटर ने COVID-19 इन्फेक...

मिल गया कोरोना का इलाज, 4 दिन में ठीक हुए संक्रमित मरीज

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मिल गया कोरोना का इलाज, 4 दिन में ठीक हुए संक्रमित मरीज इंदौर :  कोराना वायरस संक्रमित मरीज ( corona virus infected patient ) को ठीक करने के लिए इंदौर के डॉक्टरों को इसका इलाज ( Got treatment of coronavirus ) मिल गया है। प्रयोग के बाद 4 दिन में तीन संक्रमित मरीज ठीक हो कर घर लौटे। इंदौर में पहली बार प्लाज्मा थैरेपी Plasma therapy से तीन कोरोनावायरस का इलाज किया गया। स्वस्थ 2 डॉक्टरों ने डोनेट किया प्लाज्मा प्लाज्मा थैरेपी या एंटीबॉडी थैरेपी antibody therapy कोरोना के इलाज में नई रोशनी बनकर आई है। कोरोना से ठीक हो चुके मरीज के ब्लड प्लाज्मा से नए मरीजों के इलाज में मदद मिली है। प्रदेश में सबसे पहले इंदौर के अरविंदो अस्पताल ने सरकार की अनुमति के बाद तीन मरीजों अनीश जैन, पारुल जैन और आईडी अफसर कपिल देव भल्ला को 26 अप्रैल को प्लाज्मा थैरेपी दी थी। इन्हें अरविंदो अस्पताल में ही स्वस्थ हुए दो डॉक्टरों ने प्लाज्मा डोनेट किया था। 5 दिन में हुए स्वास्थ्य, 4 दिन में घटा संक्रमण तिलक नगर निवासी अनीश जैन 23 वर्षीय की 24 अप्रैल को पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अनीश ने ...

बड़ी खुशखबरी : इजरायल में बनी कोरोना वैक्सीन सबसे पहले भारत आएगी, क्‍योंकि...

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बड़ी खुशखबरी : इजरायल में बनी कोरोना वैक्सीन सबसे पहले भारत आएगी, क्‍योंकि...   चीनी वायरस की दवाई बनाने के लिए पूरी दुनिया वैज्ञानिक युद्ध स्तर पर लगे हुए है, इजराइल, यूरोप, जापान, अमेरिका, भारत सभी जगहों पर वैक्सीन या दवाई बनाने के लिए दिन रात काम चल रहा है। दवाई बनाने के लिए जैसे रेस लगी हुई है और इस रेस में इजराइल सबसे आगे निकलता दिखाई दे रहा है। जहाँ अमेरिका और जापान दवाई बनाने के लिए 1 साल से 18 महीने तक का समय बता रहा है वहीँ इजराइल ने दावा किया कि उसने वैक्सीन बना ली है और अब वो इसके उत्पादन के बारे में शोध कर रहा है। खास बात ये है कि भारत में इजरायल के एम्बेस्डर डॉ रॉन मलका ने कहा कि अभी इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया लेकिन जैसे ही ये पुख्ता हो जाएगा हम इसको दुनिया के साथ साझा करेंगे। इजरायल के कोरोनावायरस के एंटीबॉडी के क्लीकल ट्रायल शुरू करने के सवाल पर भारत में इजराइल के राजदूत डॉ रॉन मलका ने कहा कि अभी प्रॉसेस को अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन हां इजराइल एक एडवांस स्टेज पर है। इजराइल के राजदूत ने कहा कि निश्चित रूप से हम इसे दुनिया क...

Coronavirus Vaccine: Donald Trump said: America will get success to make Corona vaccine later this year

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Coronavirus Vaccine: Donald Trump said: America will get success to make Corona vaccine later this year  US President Donald Trump says that the US will make the coronavirus vaccine later this year. "We are confident that we will make the coronavirus vaccine by the end of the year," he said during a Fox News show town hall in Washington. He said he would urge the reopening of all schools and universities by September. Trump said, "I want him to open again." The vaccine prediction extends the timeline that the US and other countries have discussed. All are fighting to make it the first to defend against COVID-19. Trump insisted that he would be happy to beat American researchers to another country producing medicine. He said, 'If any other country does this, I will be happy. I do not care. I only want a vaccine that works. ' When asked about the risks posed during human trials in the research process, he said, 'They a...

बड़ी खबर : भारत में बन रही कोरोना की दवा, शुरू हुआ प्रोडक्शन, इतनी होगी कीमत !

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बड़ी खबर : भारत में बन रही कोरोना की दवा, शुरू हुआ प्रोडक्शन, इतनी होगी कीमत !   कोरोना की दवाई को लेकर दुनिया भर में वैज्ञानिक और डाक्टर दिन रात एक किये हुए है और भारत इस रेस में सबसे आगे निकलता दिखाई दे रहा है. जी, एक बड़ी जानकारी ये सामने आई है कि भारत में कोरोना की दवाई का प्रोडक्शन शुरू कर दिया गया है और 7 से 10 करोड़ खुराक की पहली खेप बनाई जा रही है. ये दवाई दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ पुणे बना रही है और इस बात का खुलासा खुद कंपनी के मालिक अदर पूनावाला ने किया है. उन्होंने बताया है कि कंपनी ने कोरोना के वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है. अदर पूनावाला ने बताया कि उनकी कंपनी ब्रिटेन के ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर दवाई का ह्यूमन ट्रायल कर रही है. इस ट्रायल के नतीजे जब आयेंगे, तब आयेंगे लेकिन शुरुआती दौर में वैक्सीन को सफलता मिली है और इसी सफलता के बाद हमने दवाई का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है. Charles Onyango-Obbo ✔ @cobbo3 World's largest vaccine maker, Serum Institute of In...

भारत में ठीक हो रहे हैं 96% मरीज, तो क्या जल्द खत्म हो सकता है कोरोना वायरस?

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भारत में ठीक हो रहे हैं 96% मरीज, तो क्या जल्द खत्म हो सकता है कोरोना वायरस? भारत में ठीक हो रहे हैं 96% मरीज, तो क्या जल्द खत्म हो सकता है कोरोना वायरस? इस समय पूरे भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में जकड़ रखा है. इससे निकलने के प्रयास लगातार जारी है. ऐसे में हाल ही में W.h.o. के स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री अभिषेक जैन ने बताया कि, ''भारत में 96%मरीज ठीक हो रहे हैं मास्क ,सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंस यह आपके जीवन का हिस्सा रहेंगे तभी आप कोरोना से लड़ पाएंगे.'' जी हाँ, हाल ही में श्री जैन ने कहा, ''लॉक डाउन के कारण इसको रोकने में काफी हद तक मदद मिली है. अभी सारे आईएएस, पुलिस एवं हेल्थ वर्कर पूरे प्रदेश का स्टाफ कोरोना को रोकने की दिशा में काम कर रहा है लॉक डाउन खुलने के बाद, हमें सस्टेनेबल सिस्टम बनाना होगा क्योंकि कोरोनावायरस इतनी जल्दी खत्म होने वाला नहीं है. भविष्य में सरकार को सर्दी जुकाम और फ्लू वाले मरीजों के लिए फ्लू क्लीनिक के नाम से डेडीकेटेड अस्पताल बनाने पड़ेंगे या वार्ड निर्धारित करने पड़ेंगे. एक बार लॉक डाउन खुलने क...

सच्चाई का सेंसेक्स: क्या जिस महिला वैज्ञानिक पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल हुआ उसकी मौत हो गई ? जानें सचाई

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सच्चाई का सेंसेक्स: क्या जिस महिला वैज्ञानिक पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल हुआ उसकी मौत हो गई ? जानें सचाई ब्रिटेन:  सोशल मीडिया पर दावा है कि कोरोना वैक्सीन के मानव परीक्षण के लिए आगे आई वैज्ञानिक एलिसा ग्रैनाटो की मौत हो गई है. दावा किया जा रहा है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में कोरोना वैक्सीन का सबसे बड़ा ट्रायल हो रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल इस दावे की हमने पड़ताल शुरू की. पड़ताल में हमारी संवाददाता पूनम पांडेय ने सीधा ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया. क्या दावा किया जा रहा है? ब्रिटेन में 24 अप्रैल को कोरोना वैक्सीन का परीक्षण एलिसा ग्रैनाटो पर किया गया. एलिसा ग्रैनाटो पर वैक्सीन परीक्षण के बाद सोशल मीडिया पर एक न्यूज वायरल हुई. इसमें दावा किया गया कि वैक्सीन के परीक्षण में एलिसा ग्रैनाटो की मौत हो गई. एलिसा इस वैक्सीन के ट्रायल को लेकर बताती हैं, 'मैं एक वैज्ञानिक हूं. इसलिए कोरोना की वैक्सीन खोजने में मदद करना चाहती हूं. कोरना की वैक्सीन खोजने में मैं किसी भी तरह से मदद करना चाहती हूं. इसलिए मैं यहां हूं.' सच क्या है? एबीपी न्यूज संवाददात...

कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिकों की ये बड़ी भविष्यवाणी, वैक्सीन नहीं तो...

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कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिकों की ये बड़ी भविष्यवाणी, वैक्सीन नहीं तो...  कोरोना वायरस जैसी महामारी को लेकर दुनिया के तमाम वैज्ञानिक उसकी वैक्सीन को बनाने में जुटे हुए हैं। तो वहीं दूसरी तरफ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि बिना वैक्सीन के कोरोना वायरस खत्म नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोविड19 सर्दी-जुकाम से फैलाता है। जिस तरह से हर सीजन के मुताबिक सर्दी जुकाम आते हैं, वैसे ही कोरोनावायरस भी सीजनल फ्लू बनकर रह सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि अगर इसकी ववैक्सीन नहीं बनती है, तो 2022 तक सोशल डिस्टेंसिंग अपनानी होगी दूसरी तरफ 2025 तक इस बीमारी का असर कम हो जाएगा। इससे पहले अमेरिका के कोरोनावायरस टास्क फोर्स के डॉक्टर ने भी इसी तरह की भविष्यवाणी की थी जगह कहा था कि कोरोना एक सीजनल फ्लू या मौसमी बीमारी बन सकता है। जिसके बाद अब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च टीम ने किस तरह का दावा किया है। 2025 तक हर साल इसका संक्रमण फैलने की संभावना है। कोरोना वायरस को लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम ने ब...

CORONA GOOD NEWS : अमरीका ने खोज ली कोरोना के इलाज की दवा

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CORONA GOOD NEWS : अमरीका ने खोज ली कोरोना के इलाज की दवा   अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार व नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के प्रमुख डॉ. एंथनी फॉसी ने व्हाइट हाउस में मीडिया को बताया कि इस दवा का अमरीका, यूरोप और एशिया के 68 स्थानों पर 1063 लोगों पर परीक्षण किया गया। इसके परिणाम अब सामने आ गए हैं। यह कोरोना के संक्रमण को रोकने में कारगर है। इससे पहले शिकागो में इस दवा का परीक्षण 125 कोरोना संक्रमितों पर किया गया था। इसमें 123 लोगों के ठीक हुए थे। 31 फीसदी तेजी से रिकवरी डॉ. फॉसी ने कहा कि रेमडेसिविर के प्रयोग से कोरोना के मरीज 31 फीसदी ज्यादा तेजी से ठीक हुए। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शियस डिजीज दवा के परीक्षण के परिणामों की और गहन समीक्षा कर रही है। यदि रिकवरी तेजी से होती है तो इससे मरीज तेजी से रिकवर होंगे। उनके गंभीर होने का खतरा भी टलेगा। डब्ल्यूएचओ का टिप्पणी से इनकार पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि इस दवा बहुत कारगर नहीं है। लेकिन क्लीनिकल ट्रायल के बाद डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ अधिकारी माइकल ...

कोविड-19 : चीन के हुबेई में कोई नया मामला नहीं

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कोविड-19 : चीन के हुबेई में कोई नया मामला नहीं वुहान (चीन), 2 मई (आईएएनएस)। सेंट्रल चीन के हुबेई प्रांत में कोरोनावायरस महामारी का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। हेल्थ कमीशन ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने प्रांत के हेल्थ कमीशन के हवाले से कहा, "कोविड-19 संक्रमण के किसी नए मामले की यहां पुष्टि नहीं हुई है। प्रांत में शुक्रवार तक संक्रमण से ग्रस्त कोई नया व्यक्ति मौजूद नहीं था।" गौरतलब है कि चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर को ही महामारी का शुरुआती केंद्र माना जाता है। कोरोनावायरस संक्रमण के मामले यहीं सबसे पहले सामने आए और फिर पूरी दुनिया में फैल गए। --आईएएनएस

Coronavirus Live: दुनियाभर में टूटा मौत का कहर, मरने वालों की संख्या 2.28 लाख पार

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Coronavirus Live: दुनियाभर में टूटा मौत का कहर, मरने वालों की संख्या 2.28 लाख पार नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।  कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में कोहराम मचा हुआ है। आए दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। वायरस से मरने वालों की संख्या दो लाख 28 हजार से ज्यादा हो गई है और संक्रमितों की संख्या 32 लाख 20 हजार को पार कर गई है। जबकि दस लाख से ज्यादा लोग वायरस जैसी महामारी से ठीक होकर नई जिंदगी प्राप्त कर चुके हैं। पूरी दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका है। अमेरिका बना मौत का अड्डा दुनियाभर में मचे हलचल के बीच अमेरिका अपने आप को सबसे दुर्भाग्यशाली समझ रहा होगा। पिछले 24 घंटे में यहां 1883 लोगों की मौत हुई। अमेरिका में मृतकों की संख्या 61 हजार पार कर गई है। जबकि 10 लाख 64 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हवाले से बताया है कि उन्होंने अमेरिका में गिलियड की रेमडेसिविर दवा को कोरोना के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। ब्रिटेन स्थिति खराब तो पाक में संतुलित...

Remdesivir से तेजी से ठीक हो रहे हैं COVID-19 मरीज, जानिए कैसे वायरस को बेवकूफ बनाती है यह दवा...

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Remdesivir से तेजी से ठीक हो रहे हैं COVID-19 मरीज, जानिए कैसे वायरस को बेवकूफ बनाती है यह दवा...  रेमेडिसविर के इबोला के इलाज के लिए विकसित किया गया था. Fight Coronavirus: कोरोना वायरस के इलाज के लिए लगातार चिकित्सकीय परीक्षण जारी हैं. इसी बीच एक दवा रेम्डेसिविर को लेकर साकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. Remdesivir के इस्तेमाल से COVID-19 के रोगियों में तेजी से रिकवरी देखने को मिल रही है. अमेरिकी नेतृत्व वाले परीक्षण में यह दवा बीमारी के खिलाफ प्रमाणित फायदे देने वाली पहली दवा बन गई है. जानते हैं रेम्डेसिविर के बारे में सबकुछ-  रेम्डेसिविर दवा के बारे में जानें सबकुछ (What You Need to Know About Remdesivir) क्या है रेम्डेसिविर? रेमेडिसविर (Remdesivir) एक प्रायोगिक, व्यापक स्पेक्ट्रम एंटीवायरल है, जिसे पहली बार वायरल रक्तस्रावी बुखार इबोला (Treat Ebola) के इलाज के लिए विकसित किया गया था. इसे अमेरिकी फार्मास्युटिकल गिलियड साइंसेज द्वारा बनाया गया है.   फरवरी में यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शस डिसीज (NIAID) ने घोषणा की कि वह SARS-CoV-2 के खिलाफ ...

सच में कब तक आ सकेगी एंटी कोरोना वायरस वैक्सीन?

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सच में कब तक आ सकेगी एंटी कोरोना वायरस वैक्सीन? कोविड 19 (Covid 19) की वैक्सीन बनाने की इच्छाओं और काम में हर तरफ तेज़ी देखी जा रही है, लेकिन यह जल्दबाज़ी घातक साबित हो सकती है, इतिहास (History) गवाह है. 1950 के दशक में जब पोलियो (Polio) की एक वैक्सीन को आनन फानन में मंज़ूरी दे दी गई थी, तब क्या हुआ था? उस वैक्सीन (Vaccine) में वायरस (Virus) का एक वर्जन मृत न होने की वजह से जिन्हें वो वैक्सीन दी गई, उन्हें वास्तव में पोलियो हुआ और कई बच्चों की मौत हुई. इस कहानी से समझना यह चाहिए कि वैक्सीन ज़िंदगी बचाने के लिए है इसलिए इसका प्रामाणिक रूप से पुख्ता होना ज़रूरी है. ब्रिटेन (Britain) सहित कुछ जगहों पर कोरोना वायरस (Corona Virus) के खिलाफ वैक्सीन के मानवीय परीक्षण (Human Trials) शुरू हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अगर बहुत आशावादी भी रहा जाए तो क्या यह सच है कि इस साल के अंत तक वैक्सीन सबके लिए उपलब्ध हो पाएगी? जानें सच्चाई कितनी कठोर हो सकती है. चार साल तो कम से कम लगे हैं! अमेरिका में कोरोना वायरस टास्क फोर्स के प्रमुख विशेषज्ञ डॉ फॉकी पहले ही कह चुके हैं कि इस महामारी...